देश को मिली ऐतिहासिक सौगात: भारत का पहला अंडरवॉटर रोड-रेल टनल प्रोजेक्ट मंजूर

अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न)

नई दिल्ली/गुवाहाटी:
केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए भारत के पहले अंडरवॉटर रोड-रेल टनल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनाई जाएगी, जो देश में अपनी तरह की पहली और दुनिया की दूसरी ऐसी परियोजना होगी।

इस परियोजना की कुल लागत करीब 18,662 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके तहत 33.7 किलोमीटर लंबा चार-लेन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें लगभग 15.79 किलोमीटर लंबी अंडरवॉटर टनल शामिल होगी। यह टनल गोहपुर (NH-15) को नुमालीगढ़ (NH-715) से जोड़ेगी।

सरकार के अनुसार, यह प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर भारत के लिए गेमचेंजर साबित होगा। वर्तमान में इन दोनों स्थानों के बीच करीब 240 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 6 घंटे लगते हैं, लेकिन टनल बनने के बाद यह दूरी घटकर करीब 34 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा समय 2 घंटे से भी कम हो जाएगा।

इस टनल की खासियत यह होगी कि इसमें सड़क और रेल—दोनों की सुविधा एक साथ उपलब्ध होगी। सुरक्षा के लिहाज से इसमें ट्विन-ट्यूब डिजाइन बनाया जाएगा, जहां हर 500 मीटर पर कनेक्टिविटी पॉइंट भी होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि रक्षा और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से भी काफी अहम साबित होगी। इससे असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों को सीधा फायदा मिलेगा।

कुल मिलाकर, यह अंडरवॉटर टनल प्रोजेक्ट भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो देश को आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक नई पहचान दिलाएगा।

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