मलेरिया से मौतों ने बढ़ाई चिंता, झारखंड में हाई अलर्ट जारी
अनिरुद्ध नारायण
रांची/जमशेदपुर। झारखंड में मलेरिया के बढ़ते मामलों और बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में हाल ही में सेरेब्रल मलेरिया से कई बच्चों की मौत के बाद पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए व्यापक स्तर पर निगरानी और रोकथाम अभियान शुरू कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में पूर्वी सिंहभूम जिले में सेरेब्रल मलेरिया के कारण कम से कम 3 से 4 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें बड़ी संख्या बच्चों की है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित पोटका क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटकर मेडिकल टीमों की तैनाती की है। साथ ही गांव-गांव में सर्वे, जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए फॉगिंग, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। इसके अलावा लोगों को साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे मलेरिया संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
राज्य के कई जिलों में पहले से ही मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे।
सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।