नेपाल की बाढ़ के बाद CM सम्राट चौधरी का गंडक बराज का हवाई सर्वे, सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट
पटना/वाल्मीकिनगर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज समेत सीमावर्ती बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी के हालात का जायजा लिया तथा प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
नेपाल से आए बाढ़ के पानी के कारण गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ गया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए थे। बुधवार रात करीब 11 बजे बराज से जलप्रवाह 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जिसके बाद गुरुवार सुबह यह घटकर करीब 1.04 लाख क्यूसेक रह गया।
अधिकारियों को मुस्तैदी के निर्देश
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संभावित बाढ़ के प्रभाव, सुरक्षा व्यवस्था और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन को जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
फिलहाल कुछ राहत, लेकिन निगरानी जारी
गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट से बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में फिलहाल कुछ राहत मिली है। हालांकि, नेपाल में मौसम और जलप्रवाह की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए प्रशासन ने सतर्कता कम नहीं की है।
बिहार सरकार गंडक नदी और बराज से निकलने वाले पानी की लगातार निगरानी कर रही है। **नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर ही आगे का खतरा काफी हद तक निर्भर करेगा।**