नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी ममता गुट को झटका, रबीउल आलम चौधरी ने वापस लिया नामांकन
कोलकाता, 19 सितंबर 2026: पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इससे एक दिन पहले नंदीग्राम से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) भी अपना नामांकन वापस ले चुकी हैं। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है।
कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद लिया फैसला
रबीउल आलम चौधरी ने बताया कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया। उनके मुताबिक, कम समय में मतदाताओं को नए चुनाव चिन्ह से परिचित कराना एक चुनौती है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के लिए कार्यकर्ताओं को भेजने की स्थिति नहीं बन पा रही थी।
ममता बनर्जी से भी हुई थी बात
रिपोर्ट के अनुसार, रबीउल आलम ने कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी से इस फैसले को लेकर बात की थी। ममता बनर्जी ने उन्हें अपने स्तर पर उचित फैसला लेने की बात कही थी। इसके बाद रबीउल ने कार्यकर्ताओं की राय को देखते हुए नामांकन वापस लेने का निर्णय किया।
एक दिन पहले नंदीग्राम में भी उम्मीदवार ने नाम वापस लिया
रेजीनगर से पहले शुक्रवार को नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने भी नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी के गुट के पास नंदीग्राम में कोई उम्मीदवार नहीं रह गया।
6 अक्टूबर को होना है मतदान
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान निर्धारित है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। रबीउल आलम चौधरी को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने 13 सितंबर को रेजीनगर से उम्मीदवार घोषित किया था।
चुनाव चिन्ह को लेकर भी रहा विवाद
इस उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद सामने आया था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को उपचुनाव के लिए अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरना पड़ा है। रबीउल आलम ने नए चुनाव चिन्ह को मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए कम समय मिलने को अपने फैसले की वजहों में शामिल किया है।