ADEO परीक्षा फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड सतीश यादव गिरफ्तार, पटना से दबोचा; मुंगेर कोर्ट में पेशी
मुंगेर, 25 सितंबर 2026: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (ADEO) परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मुख्य आरोपी सतीश कुमार यादव को पटना से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे मुंगेर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।
गर्दनीबाग से हुई गिरफ्तारी
EOU के अनुसार, सतीश कुमार यादव बक्सर जिले के निजामीपुर का रहने वाला है और मुंगेर के मुफस्सिल थाना में दर्ज मामले का मुख्य आरोपी है। वह घटना के बाद से फरार चल रहा था। विशेष टीम ने उसे पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र स्थित शिवपुरी इलाके से गिरफ्तार किया।
अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के नाम पर 15 से 20 लाख रुपये तक लेने का आरोप है। इससे पहले मामले में 18 अभ्यर्थियों समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
व्हाट्सऐप ग्रुप में मिले एडमिट कार्ड
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से ‘Solution Group’ नाम का व्हाट्सऐप ग्रुप मिलने की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, ग्रुप में कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और परीक्षा से संबंधित सामग्री मौजूद थी। जांच में गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला होने की आशंका सामने आई।
परीक्षा केंद्रों पर सेटिंग का आरोप
EOU की जांच के मुताबिक, सतीश ने पटना के करीब 10 परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े वेंडरों के साथ करार किया था और अपने लोगों को बायोमेट्रिक सुपरवाइजर व ऑपरेटर के तौर पर तैनात कराया था। एजेंसी का आरोप है कि इन माध्यमों से प्रश्नपत्र हासिल कर सॉल्वर की मदद से उत्तर तैयार किए गए और चयनित अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए।
पहले भी दर्ज रहा है आपराधिक मामला
EOU के अनुसार, सतीश कुमार यादव का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। एजेंसी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के इटावा में सिपाही भर्ती प्रश्नपत्र लीक मामले में वर्ष 2023 में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। फिलहाल ADEO परीक्षा मामले में आगे की जांच जारी है और एजेंसी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।