मनुष्य जन्म पाकर भी ईश्वर की भक्ति नहीं की तो जीवन व्यर्थ : स्वामी महेश्वर बाबा
जमालपुर। स्थानीय नयागांव स्थित संतमत सत्संग आश्रम परिसर में सोमवार को एक दिवसीय बहुक्षेत्रीय संतमत मासिक सत्संग भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। सत्संग में जमालपुर, मुंगेर, पाटम, धरहरा, सुल्तानगंज, घोरघट, सूर्यगढ़ा, अभयपुर, असरगंज, बरियारपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों सत्संगी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान सत्संग, प्रवचन, भजन, रामायण पाठ, संतवाणी पाठ, आरती गान और सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बेगूसराय से पहुंचे संतमत के वरिष्ठ महात्मा स्वामी महेश्वर बाबा ने प्रवचन करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक फल परमात्मा की भक्ति करना है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य शरीर प्राप्त करने के बाद भी ईश्वर की भक्ति नहीं की, तो मनुष्य जन्म लेना ही व्यर्थ हो जाता है।
स्वामी महेश्वर बाबा ने कहा, “जैसे सोने में गंदगी लग जाने से उसका मोल कम नहीं होता, उसी तरह भक्ति रूपी बीज का कभी विनाश नहीं होता। मनुष्य जीवन में एक बार भक्ति का बीज पड़ जाने के बाद किसी न किसी जन्म में वह भक्ति पूर्ण होती है।”
उन्होंने कहा कि संतों का संग और सत्संग करना प्रथम भक्ति की श्रेणी में आता है। सत्संग के माध्यम से मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति का मार्ग मिलता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का शरीर बड़े भाग्य से प्राप्त होता है और ईश्वर की कृपा से ही सत्संग करने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम में स्वामी बुटन बाबा, स्वामी राजेंद्र बाबा, स्वामी कुशाल नंद बाबा, स्वामी अनमोल बाबा, स्वामी रामदहीन बाबा, बहुक्षेत्रीय संतमत सत्संग समिति के उप-प्रचार मंत्री आशीष कुमार ‘अधिवक्ता’, रामप्रसाद साह, अर्जुन तांती, प्रकाश गुप्ता, शिव शंकर प्रसाद, कन्हैया लाल चौरसिया, अभिमन्यु साह, राजन कुमार चौरसिया, परशुराम चौरसिया, सत्यनारायण मंडल, सुरेंद्र प्रसाद, रामचंद्र मंडल, विष्णु देव, मदन लाल मंडल, शामुखदास गुप्ता, प्रमोद यादव, बालेश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में सत्संगी मौजूद रहे।