मुंगेर-भागलपुर के बीच बनेगा 83 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव, दो महीने में शुरू होगा निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर में दीपोत्सव के दौरान की घोषणा, 11 लाख 11 हजार 111 दीयों से जगमगाया गंगा तट; किसानों की सिंचाई और युवाओं के रोजगार पर भी दिया भरोसा
मुंगेर। बिहार के आधारभूत ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी परियोजना की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर और भागलपुर के बीच करीब 83 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का निर्माण कार्य अगले दो महीने के भीतर शुरू कराने की योजना है। इससे पूर्वी बिहार में आवागमन सुगम होने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत कल्याणपुर स्थित श्री श्री 108 बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर परिसर में आयोजित भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यूथ क्लब कल्याणपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में एक साथ 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित किए गए। मुख्यमंत्री ने दीप जलाकर समारोह का शुभारंभ किया और मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुंगेर से भागलपुर तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 83 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव मुंगेर और भागलपुर के बीच यातायात को बेहतर बनाएगा। इस परियोजना से गंगा किनारे बसे इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
प्रस्तावित परियोजना को गंगा नदी के समानांतर विकसित करने की योजना है। इसमें जरूरत के अनुसार सामान्य सड़क और एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। हालांकि, निर्माण से पहले भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण एवं वन्यजीव संबंधी आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
गंगा के पानी से खेतों तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी
मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में जमा गाद की समस्या और जल प्रबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गंगा की गाद का बेहतर उपयोग करते हुए जल संरचनाओं के माध्यम से किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ 2 नवंबर को महत्वपूर्ण समझौता होने की बात भी उन्होंने कही।
एक करोड़ रोजगार और एक करोड़ उद्यमी परिवार बनाने का लक्ष्य
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले बिहार में ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़े। उन्होंने राज्य में एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार से जोड़ने तथा अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य दोहराया।
कार्यक्रम में विधायक कुमार प्रणय, ललित नारायण मंडल, मनोज यादव सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।