छपकी गांव में बामसेफ व आफसूट संगठन का जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न
दलित, पिछड़ा, वैश्य समाज को संगठित करने का आह्वान, वक्ताओं ने बहुजन राजनीति पर उठाए सवाल
बेगूसराय, 20 मई (संवाददाता)
सदर प्रखंड अंतर्गत छपकी गांव स्थित रामरतन सुदामा सभागार में मंगलवार को बामसेफ एवं आफसूट संगठन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव कुमार महतो ने की, जबकि मंच संचालन शिक्षक बालेश्वर महतो द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन वैश्य दलित पिछड़ा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजकुमार आजाद ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब तक अनुसूचित जाति/जनजाति एक्ट को वैश्य एवं पिछड़ा समाज पर समान रूप से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक भारत में बहुजन समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी अधूरी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन यह समानता लागू होगी, उसी दिन बहुजन समाज का नेतृत्व देशभर में स्थापित हो जाएगा।

मुख्य अतिथि के रूप में बामसेफ, नई दिल्ली के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. अनिल कुमार माने ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भले ही मायावती, अखिलेश यादव, नीतीश कुमार और लालू यादव स्वयं को बहुजन नेताओं के रूप में प्रस्तुत करते हों, लेकिन उनकी नीतियां सामंतवादी ताकतों को मजबूती देती हैं। इसी कारण आज तक सच्चे अर्थों में बहुजन सरकार का गठन नहीं हो पाया।
मुख्य वक्ता वैश्य दलित पिछड़ा मंच की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पूनम आजाद ने बहुजन महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता पर बल दिया और कहा कि जब तक नारीशक्ति इस आंदोलन में भागीदारी नहीं करेगी, तब तक परिवर्तन अधूरा रहेगा।
विशिष्ट अतिथियों में जिला प्रभारी अभिमन्यु यादव, सुरेंद्र वर्मा, रणवीर शैलेष, मो. जावेद, रामसागर महतो, रेखा पंडित व रूबी देवी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संगठन की दिशा और आगामी रणनीति पर विचार रखे।
कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष एवं बेगूसराय विधानसभा से भावी प्रत्याशी डॉ. विजय कुमार कुशवाहा ने सभी अतिथियों का पुष्पमाला एवं अंगवस्त्र से स्वागत कर सम्मानित किया।
शिविर में जिले भर से सैकड़ों की संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता व संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बहुजन समाज की एकता और सामाजिक न्याय के लिए संगठनात्मक मजबूती को वक्त की आवश्यकता बताया।