प्रधानमंत्री आवास पर हिंसा: शेख़ हसीना ने छोड़ा देश
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और उनकी बहन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए देश छोड़ दिया है। वे अब एक ‘सुरक्षित जगह’ पर हैं।
हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास पर धावा बोल चुके हैं। यह हिंसक आंदोलन जुलाई महीने से चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन का परिणाम है, जो आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की मांग पर आंशिक रूप से सरकार ने कोटे में कटौती की थी, लेकिन यह कदम आंदोलनकारियों को शांत करने में असफल रहा। वे लगातार प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफ़े की मांग पर अड़े रहे।
अब तक इस हिंसक आंदोलन में करीब 300 लोग जान गंवा चुके हैं। सरकार ने हालात को काबू करने के लिए सेना को बुलाया था। बावजूद इसके, रविवार को छात्रों ने ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन का आह्वान किया, जिसमें लोगों से सरकारी टैक्स न देने की अपील की गई।
सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास पर भारी पत्थरबाज़ी की, जिससे स्थिति और भी विकट हो गई।
बांग्लादेश इस समय राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है, जहां छात्रों का आक्रोश और सरकार के बीच टकराव अपने चरम पर है।