जेवियर्स यूनिवर्सिटी में ओरिएंटेशन डे का आयोजन, शिक्षा व सेवा की राह पर नवागंतुकों को मिला नया दृष्टिकोण
— शिक्षा मंत्री सहित कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति, छात्रों के लिए बना आत्मविश्वास और अवसरों का मंच

पटना। जेवियर्स यूनिवर्सिटी, पटना में 24 जुलाई को ओरिएंटेशन डे का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों का औपचारिक स्वागत किया गया। कलाम हॉल में आयोजित यह कार्यक्रम दो सत्रों में विभाजित रहा, जिसमें विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक परिवेश से रूबरू कराया गया, बल्कि संस्थान की दृष्टि, मूल्य, और समर्थन प्रणाली की भी विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रथम सत्र की शुरुआत सुबह 9:30 बजे दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ हुई। इसके पश्चात एक सुंदर प्रार्थना नृत्य ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कुलपति फ्र. डॉ. मार्टिन पोरस एस.जे. ने स्वागत भाषण में कहा कि यह नया शैक्षणिक सत्र विद्यार्थियों के जीवन का एक निर्णायक मोड़ होगा, जिसमें उन्हें न केवल ज्ञान, बल्कि समाज के प्रति अपनी भूमिका का भी बोध होगा।

सत्र 2025-26 के लिए यूनिवर्सिटी की वार्षिक थीम का अनावरण भी इसी अवसर पर किया गया, जिसमें नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और समग्र विकास जैसे मूल्यों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “आज का छात्र ही कल का राष्ट्रनिर्माता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण है।” उन्होंने विद्यार्थियों को निष्ठा, अनुशासन और मेहनत को अपना मूलमंत्र बनाने का संदेश दिया।

रे‍क्टर फ्र. जोसेफ सेबास्टियन एस.जे., वित्त अधिकारी फ्र. अल्फोंस क्रास्टा एस.जे. और रजिस्ट्रार फ्र. डॉ. शैरी जॉर्ज एस.जे. ने भी विद्यार्थियों को संस्थान की परंपराओं और मूल्यों से अवगत कराया। वहीं कुछ अभिभावकों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए जेवियर्स को अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताया।

विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एक संगीतमय प्रस्तुति ने माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया। इसके पश्चात प्लेसमेंट अधिकारी श्री पीयूष रंजन सहाय ने प्लेसमेंट सेल की कार्यप्रणाली, औद्योगिक साझेदारियों, इंटर्नशिप अवसरों और करियर गाइडेंस से जुड़ी जानकारियाँ साझा कीं। सत्र का समापन धन्यवाद ज्ञापन और जलपान के साथ हुआ।

दूसरा सत्र, जो दोपहर 11:55 बजे आरंभ हुआ, पूरी तरह से विद्यार्थियों की सहभागिता और व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित रहा। आइस-ब्रेकिंग गतिविधियाँ, गीत प्रस्तुतियाँ और सॉफ्ट स्किल्स पर विशेषज्ञ वक्तव्य के माध्यम से विद्यार्थियों को अकादमिक जीवन के साथ-साथ व्यावसायिक दुनिया की चुनौतियों से परिचित कराया गया। इस सत्र में रजिस्ट्रार ने संस्थागत नियमों और छात्रों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर ने विद्यार्थियों को जेवियर्स की उस परंपरा से जोड़ा, जिसमें ज्ञान के साथ सेवा, नेतृत्व के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को महत्व दिया जाता है।

 

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