जमालपुर की गलियां अंधेरे में डूबीं, नगर परिषद की लापरवाही उजागर
जमालपुर, संवाददाता।
जमालपुर सदर बाजार क्षेत्र की मुख्य सड़कों और गलियों में अंधेरे का साम्राज्य कायम है। त्योहारों के मौसम में भी शहर की प्रमुख सड़कों पर रोशनी नदारद है, जिससे आमजन भय और असुविधा में जीने को मजबूर हैं।
शहरवासी बताते हैं कि शाम ढलते ही सदर बाजार, भारत माता चौक, कारखाना गेट संख्या 6, मारवाड़ी पट्टी, सोना पट्टी, टिप टॉप गली और अवंतिका रोड जैसे इलाकों में अंधेरा फैल जाता है। स्ट्रीट लाइट बिजली रहने के बावजूद जलती नहीं, जिससे असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ जाती है। स्थानीय लोग चोरी, नशाखोरी और छेड़खानी की घटनाओं के डर में रहते हैं।
धर्मशाला रोड निवासी राजकुमार शर्मा ने बताया कि रात 9 बजे के बाद दुकानों के बंद होते ही इलाका वीरान हो जाता है। स्टेशन से रामपुर कॉलोनी जाने वाले रेलकर्मियों को हर वक्त असामाजिक तत्वों का भय सताता है। वहीं, मारवाड़ी पट्टी निवासी शिवम मस्कारा का कहना है कि दिन में लोग आवारा पशुओं से परेशान रहते हैं और रात में मातृसदन अस्पताल के दोनों ओर के रास्तों पर अंधेरे के कारण मरीजों को भारी परेशानी होती है।
बोर्ड मीटिंग में उठा मुद्दा, कार्रवाई नहीं
वार्ड पार्षद साईं शंकर के अनुसार, नगर परिषद की मार्च और जून 2025 की बोर्ड बैठकों में खराब एलईडी स्ट्रीट लाइट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। पहले ईईएसएल कंपनी को स्ट्रीट लाइट के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी थी, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद यह जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई। इसके बावजूद 2024-25 में 2 करोड़ और 2025-26 में 2.20 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित होने के बाद भी सड़कों पर अंधेरा कायम है।
डीह जमालपुर निवासी विकास कुमार का कहना है कि अंधेरे में गड्ढेदार सड़कों पर अक्सर लोग घायल हो जाते हैं। टिप टॉप गली निवासी आशीष शाह और दरियापुर निवासी अनिमेष चौरसिया ने भी अपने-अपने वार्डों में स्ट्रीट लाइट न जलने की शिकायत की। उनका कहना है कि कई खंभों पर अब तक नई लाइट भी नहीं लगाई गई है।
पार्षद साईं शंकर ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर सदर बाजार क्षेत्र की एलईडी स्ट्रीट लाइट चालू नहीं की गई, तो उच्च अधिकारियों से औपचारिक शिकायत की जाएगी।
स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर परिषद जमालपुर तत्काल स्ट्रीट लाइट की मरम्मत और नई लाइट लगाने की कार्रवाई करे, ताकि त्योहारों में शहर रोशनी से जगमगा सके और लोग निडर होकर आवागमन कर सकें।