बालेन शाह–रबी लामिछाने गठबंधन: स्थापित पार्टियों को चुनौती नेताओं का बड़ा कदम
काठमांडू: आगामी 5 मार्च 2026 के नेपाल संसदीय चुनाव से पहले दो युवा लोकप्रिय नेताओं — काठमांडू नगर प्रमुख बलेंद्र “बालेन” शाह और राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने — ने एक बड़ा राजनीतिक गठबंधन बना लिया है। इस समझौते के तहत बालेन शाह को RSP से जुड़कर प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में उतारा जाएगा, जबकि लामिछाने पार्टी अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे।
यह गठबंधन पारंपरिक राजनीति में मौजूदा स्थापित दलों — जैसे UML और नेपाली कांग्रेस — को चुनौती देने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। पुराने नेताओं के लंबे प्रभाव के बावजूद, यह नई ताकत “Gen-Z” या युवा-आंदोलन के समर्थन का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है, जिसने भ्रष्टाचार और खराब शासन के खिलाफ दिसंबर में व्यापक जनाक्रोश देखा था।
मुख्य बिंदु:
🔹 सात-बिंदु समझौता के तहत बालेन शाह RSP के संसदीय दल के नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, जबकि रबी लामिछाने पार्टी अध्यक्ष के रूप में बने रहेंगे।
🔹 समझौते के अनुसार RSP का नाम, झंडा और चुनाव चिह्न (‘घंटी’) अपरिवर्तित रहेंगे, और बालेन तथा उनके समर्थक इसी चिन्ह से चुनाव लड़ेंगे।
🔹 दोनों नेताओं ने युवा-नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की मांगों को आगे बढ़ाने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर प्रतिबद्धता जताई है।
🔹 इस गठबंधन से नेपाल की राजनीति में नई दिशा और संभावित बदलाव की संभावना जताई जा रही है, विशेषकर युवा मतदाताओं के बीच बढ़ते समर्थन के कारण।
विश्लेषकों के अनुसार यह गठबंधन नेपाल की पुरानी राजनीतिक विवशता को चुनौती दे सकता है और युवा-आधारित राजनीति को मजबूती प्रदान कर सकता है। हालांकि कुछ आलोचक इस कदम की प्रभावशीलता पर संदेह व्यक्त कर रहे हैं, यह राजनीतिक दृश्य के पुनर्गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।