भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार: 15 मिनट में 5.5 लाख करोड़ रुपये की पूंजी स्वाहा
तेज़ गिरावट के पीछे अमेरिकी टैरिफ का झटका, तेल व गैस सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान
नई दिल्ली, ब्यूरो।
गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार खुलते ही मात्र 15 मिनट के भीतर निवेशकों की करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति मिट्टी में मिल गई। इस भारी गिरावट के पीछे अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आयात शुल्क (टैरिफ) को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 459 लाख करोड़ रुपये से घटकर 453.3 लाख करोड़ रुपये रह गया। वहीं, सभी प्रमुख सेक्टर्स में गिरावट देखी गई, जिसमें तेल और गैस सेक्टर सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा।
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 786.36 अंकों की गिरावट के साथ 80,695.50 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 212.80 अंक लुढ़ककर 24,642.25 के स्तर पर आ गया।
इस गिरावट से ठीक एक दिन पहले विदेशी निवेशकों ने ₹850.04 करोड़ की इक्विटी भारतीय बाजार से निकाल ली थी, जिससे बाजार की चाल पहले ही कमजोर हो गई थी।
कौन-कौन से शेयर रहे घाटे में?
तेल और गैस कंपनियों को सबसे बड़ा झटका लगा। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, महानगर गैस, ओएनजीसी और गुजरात गैस जैसे शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज़, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, टाइटन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे बड़े दिग्गज शेयर भी दबाव में रहे।
कुछ शेयरों में दिखी हरी झंडी
वहीं, इस बिकवाली के माहौल में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एटरनल और पावरग्रिड जैसे गिने-चुने शेयर हरे निशान में ट्रेड करते नज़र आए।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की स्थिति
एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान में रहे। हालांकि, जापान का निक्केई 225 इस नकारात्मक रुख से उलट मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा।
रुपये में आंशिक सुधार
इसी बीच विदेशी मुद्रा बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से 14 पैसे सुधरकर 87.66 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला। हालांकि, कुछ समय बाद यह 87.74 तक फिसल गया।