1500 नए अस्पतालों का होगा निर्माण
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विधानसभा में पेश किया स्वास्थ्य विभाग का बजट, मेडिकल शिक्षा में भी होगा बड़ा विस्तार
पटना। बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में 1500 से अधिक नए अस्पताल भवनों का निर्माण करेगी। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को बढ़ाना है।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को विधानसभा में 2025-26 के लिए स्वास्थ्य विभाग का बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। इस वित्तीय वर्ष के लिए विभाग का कुल बजट 20,035.80 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसे सदन में ध्वनि मत से पारित किया गया।
मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का होगा बड़ा विस्तार
मंत्री पांडेय ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। वर्तमान में राज्य में 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल कार्यरत हैं, लेकिन आगामी वित्तीय वर्ष में 22 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की स्थापना की जाएगी।
इससे मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। मंत्री ने बताया कि राज्य में एमबीबीएस की सीटें भी 2,870 से बढ़ाकर 5,220 की जाएंगी। वहीं, अस्पतालों में बेड की संख्या 18,984 से बढ़ाकर लगभग 28,884 कर दी जाएगी।
पीएमसीएच बनेगा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल
राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजनाओं में पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) का विस्तार प्रमुख है। मंत्री ने बताया कि विस्तार कार्य पूरा होने के बाद पीएमसीएच में 5,462 बेड होंगे, जिससे यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बन जाएगा।
24×7 स्वास्थ्य सेवाएं और जनता का बढ़ता भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अब 24 घंटे कार्यरत हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को हर समय चिकित्सा सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ा है।
मातृ मृत्यु दर में बड़ी गिरावट
बिहार सरकार की स्वास्थ्य नीतियों का सकारात्मक असर मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में भी देखने को मिला है। मंत्री ने बताया कि राज्य में एमएमआर को 312 प्रति लाख जीवित जन्म से घटाकर 118 प्रति लाख कर दिया गया है। आने वाले वर्षों में इसे 70 प्रति लाख तक लाने का लक्ष्य है।
सभी को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा
मंत्री पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि अस्पतालों के निर्माण और मेडिकल शिक्षा के विस्तार से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव आएगा।