BRICS गुडी बैग में बिहार का सत्तू और मखाना, ओडिशा की कॉफी व गुजरात के हस्तशिल्प ने खींचा ध्यान
नई दिल्ली। भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले विदेशी और भारतीय पत्रकारों के लिए तैयार किए गए मीडिया किट में देश की विविध संस्कृति और क्षेत्रीय उत्पादों की झलक देखने को मिल रही है। इस किट में बिहार का पारंपरिक सत्तू और मखाना, ओडिशा के कोरापुट की कॉफी और गुजरात के हस्तशिल्प को शामिल किया गया है।
बिहार के सत्तू और मखाने को मिली जगह
BRICS मीडिया किट में बिहार की ओर से सत्तू और मखाना शामिल किए गए हैं। सत्तू बिहार की पारंपरिक खाद्य संस्कृति से जुड़ा लोकप्रिय पेय है, जबकि मखाना राज्य के प्रमुख कृषि और खाद्य उत्पादों में शामिल है। इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय मेहमानों और पत्रकारों को बिहार की स्थानीय पहचान से परिचित कराने की कोशिश की गई है।
कोरापुट की कॉफी भी किट का हिस्सा
ओडिशा सरकार के सहयोग से कोरापुट की कॉफी को भी मीडिया किट में जगह दी गई है। कोरापुट की पहाड़ियों में उत्पादित कॉफी ओडिशा के उभरते कॉफी उत्पादन क्षेत्र की पहचान बन रही है। वहीं, गुजरात सरकार ने अपनी पारंपरिक कारीगरी और हस्तशिल्प को इस किट के जरिए प्रदर्शित किया है।
‘भारत की कहानी’ दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश
विदेश मंत्रालय के ओएसडी (पीआर) वासुदेव रवि के अनुसार, मीडिया किट तैयार करने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मीडिया के सामने भारत की विविधता को प्रस्तुत करना है। इसके लिए तीन राज्य सरकारों के साथ साझेदारी की गई और पारंपरिक खाद्य पदार्थों व स्थानीय हस्तशिल्प को चुना गया। इसे भारत की ‘India Story’ को दुनिया तक पहुंचाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
BRICS के मंच पर भारत की क्षेत्रीय पहचान
12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। ऐसे में मीडिया किट के जरिए भारत की कूटनीतिक भूमिका के साथ-साथ उसकी क्षेत्रीय विविधता, खान-पान और स्थानीय कारीगरी को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखा जा रहा है।
सत्तू से हस्तशिल्प तक दिखी ‘विविधता में एकता’
बिहार का सत्तू-मखाना, ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात के हस्तशिल्प अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान को एक ही किट में समेटते हैं। BRICS जैसे वैश्विक आयोजन में यह पहल भारत की ‘विविधता में एकता’ और सांस्कृतिक विरासत को सॉफ्ट पावर के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास भी मानी जा रही है।