BRICS में भारत की कूटनीतिक सक्रियता, मलेशिया-इथियोपिया-UAE-वियतनाम के साथ रिश्तों को नई मजबूती
नई दिल्ली। नई दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर भारत के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया। मलेशिया, इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम के साथ हुई बातचीत में रक्षा, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मलेशिया के साथ रक्षा और आर्थिक सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ रक्षा और रणनीतिक सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की। दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक भागीदारी के लिहाज से इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
इथियोपिया के साथ नए सहयोग की संभावनाएं
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ बातचीत में भारत-इथियोपिया संबंधों को और व्यापक बनाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच रक्षा, निवेश और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं सामने आईं। इससे अफ्रीका में भारत की रणनीतिक और आर्थिक पहुंच को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
UAE के साथ ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भी बैठक की। दोनों पक्षों ने भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा, निवेश, समुद्री बुनियादी ढांचे और उभरती तकनीकों में दोनों देशों के बीच सहयोग पहले से ही महत्वपूर्ण है।
वियतनाम के साथ भी हुई अहम बातचीत
मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दे चर्चा में रहे। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के लिहाज से वियतनाम के साथ मजबूत संबंधों को विशेष महत्व दिया जाता है।
BRICS के जरिए आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भारत का जोर
BRICS बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण, जैव प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
कई देशों के साथ लगातार द्विपक्षीय बैठकें
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम बेहद व्यस्त है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक के बाद मलेशिया, इथियोपिया, UAE और वियतनाम के नेताओं से वार्ता हुई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित मुलाकात भी सम्मेलन के प्रमुख कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल है।
भारत की इन बैठकों को BRICS मंच के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की व्यापक कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।