‘वोट चोरी’ के आरोपों पर INDIA गठबंधन को झटका, CJI सूर्यकांत ने मिलने से किया इनकार
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कथित चुनावी अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। विपक्षी नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च से पहले मुख्य न्यायाधीश से मिलने और उन्हें ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया था।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने ईमेल के जरिए विपक्षी नेताओं को अपने फैसले की वजह बताई। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को विपक्ष उठाना चाहता है, वे पहले से ही अदालत में विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों में नेताओं को मुलाकात के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दायर करनी चाहिए।
राहुल गांधी और खरगे ने मांगा था समय
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच CJI से मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना था।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की घोषणा
CJI के इनकार के बावजूद INDIA गठबंधन ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई है। राहुल गांधी ने युवाओं, विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
विपक्ष की प्रमुख मांगों में SIR प्रक्रिया पर रोक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई शामिल है। विपक्ष ने मतपत्र से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग भी उठाई है।
इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है।