फरीदाबाद में बड़ा आतंकी साजिश नाकाम : जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 350 किलो विस्फोटक बरामद किए, दो डॉक्टर गिरफ्तार
फरीदाबाद/श्रीनगर |
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने यहां 350 किलो विस्फोटक पदार्थ, 20 टाइमर, एक पिस्टल, तीन मैगजीन, एक वॉकी-टॉकी सेट और एक असॉल्ट राइफल बरामद की है। बताया जा रहा है कि बरामद सामग्री आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी साजिश का हिस्सा थी।
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष टीम ने हरियाणा पुलिस के सहयोग से की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह बरामदगी कश्मीर के डॉक्टर अदिल अहमद राथर की गिरफ्तारी के बाद की गई। राथर को हाल ही में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में खुला बड़ा राज़
जांच में खुलासा हुआ कि राथर ने फरीदाबाद में कार्यरत एक अन्य डॉक्टर मुज्जमिल शकील के पास विस्फोटक छिपा रखे थे। शकील, जो पुलवामा का रहने वाला है, वर्तमान में फरीदाबाद के अल-फलाह अस्पताल में कार्यरत था। दोनों आरोपियों को अब हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
फरीदाबाद पुलिस आयुक्त सतेन्दर कुमार गुप्ता ने बताया कि कुल 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि बरामद हथियार और उपकरण किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी की ओर इशारा करते हैं।
श्रीनगर से फरीदाबाद तक जुड़ी कड़ी
मामले की शुरुआत 27 अक्टूबर को हुई थी, जब श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे। सीसीटीवी फुटेज की जांच में डॉक्टर अदिल राथर की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस ने उसे सहारनपुर से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में राथर के लॉकर की तलाशी ली, जहां से एक एके-47 राइफल और कई कारतूस मिले। पूछताछ के दौरान राथर ने फरीदाबाद में छिपाए गए विस्फोटकों की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की।
आतंकियों में शिक्षित चेहरों की घुसपैठ
जांच एजेंसियों के मुताबिक, डॉक्टर अदिल राथर और मुज्जमिल शकील की गिरफ्तारी से एक नया ट्रेंड सामने आया है — जहां आतंकी संगठन अब शिक्षित और पेशेवर लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है।
अब तक की जांच
अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक दिल्ली के पास तक कैसे पहुंचा और इसे किस उद्देश्य से रखा गया था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस साजिश के पीछे कौन-से आतंकी मॉड्यूल सक्रिय थे और क्या इसका संबंध किसी बड़े आतंकी हमले से था।
“फरीदाबाद में बरामद विस्फोटक किसी बड़े हमले की योजना का हिस्सा लगते हैं। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस मिलकर इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी हैं।”
— सतेन्दर कुमार गुप्ता, पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद