The Union Coal Minister, Shri Shibu Soren chairing the 28th Meeting of the Standing Committee on Safety in Coal Mines, in New Delhi on May 09,2006. The Minister of State for Coal & Mines, Dr. Dasari Narayana Rao and the Secretary, Coal, Shri H.C. Gupta are also seen.

 गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान देने का ऐलान

नई दिल्ली, २५ जनवरी २०२६ — भारत सरकार ने प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान के लिए वर्ष २०२६ की सूची में एक प्रमुख नाम का ऐलान किया है। झारखंड के प्रसिद्ध नेता और समाजवादी क्रांतिकारी दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत यह उच्च नागरिक सम्मान देने का निर्णय लिया गया है।

यह सम्मान राज्य और देश के सामाजिक-राजनीतिक जीवन में उनके दीर्घकालीन योगदान और जनता की कल्याण गतिविधियों के लिए उन्हें श्रद्धांजलि है। सोरेन का जीवन भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण अध्यायों से जुड़ा रहा, विशेषकर झारखंड आंदोलन और सामाजिक न्याय के लिए उनकी भूमिका ने उन्हें इतिहास में अलग स्थान दिलाया।

🏅 पद्म भूषण सम्मान — एक गौरवशाली अलंकरण

पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो किसी व्यक्ति को उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, सार्वजनिक सेवा, संस्कृति और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है।

भारत सरकार की नई सूची में कुल १३ लोगों को पद्म भूषण पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिसमें दिशोम गुरु शिबू सोरेन भी शामिल हैं। इस सूची को 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर औपचारिक रूप से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

📌 शिबू सोरेन — जीवन और योगदान

शिबू सोरेन राष्ट्रीय स्तर पर एक जाना-माना नेता रहे हैं जिन्होंने ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के उत्थान तथा सामाजिक न्याय के लिए कार्य किया। उनका संघर्ष विशेष रूप से शुरुआती दिनों में भूमि सुधार, शोषण विरोधी आंदोलनों और ग्रामीण उत्थान से जुड़ा रहा। उनके समर्थक उन्हें “दिशोम गुरु” के नाम से सम्मान देते हैं और उनकी राजनीतिक यात्रा कई पीढ़ियों को प्रेरित करती रही है।

 

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