जमालपुर में बेघरों की हुंकार : “आश्वासन नहीं, पक्का मकान चाहिए”
मारवाड़ी धर्मशाला से निकली पदयात्रा, महिलाओं ने बुलंद की आवाज, प्रशासन को चेताया
जमालपुर। वर्षों से पक्के मकान की प्रतीक्षा कर रहे भूमिहीन और बेघर परिवारों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से आए सैकड़ों बेघर परिवारों ने रविवार को पक्के आवास की मांग को लेकर पदयात्रा निकाली। “हमें आश्वासन नहीं, अधिकार चाहिए”, “घर हमारा हक है, भीख नहीं” जैसे नारों से शहर की सड़कों पर गूंज सुनाई दी।
यह पदयात्रा स्थानीय मारवाड़ी धर्मशाला से प्रारंभ हुई, जो बराट चौक, सदर फाड़ी, जनता मोड़, भारत माता चौक, छः नंबर गेट, स्टेशन मोड़, जुबली वेल, अवंतिका मोड़, शनि मंदिर होते हुए पुनः धर्मशाला पहुंची। बाद में पदयात्रा एक सभा में तब्दील हो गई।

इस आंदोलन का नेतृत्व समिति की उपाध्यक्ष गीता देवी और इंदु देवी ने किया, जबकि संचालन संयोजक और वार्ड पार्षद साईं शंकर ने किया। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो चरणबद्ध आंदोलन के साथ सभी सरकारी कार्यालयों का घेराव एवं तालाबंदी की जाएगी।
सभा में गूंजे तीखे स्वर
सभा को संबोधित करते हुए रेखा देवी ने कहा कि सरकार ने तीन वर्ष पहले बहुमंजिला इमारतों में आवास देने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन की सुस्ती के कारण आज भी गरीब खुले आसमान के नीचे जीने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अब महिलाओं ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
सभा में कामरेड मुरारी प्रसाद, आर.के. मंडल, विकास कुमार और दीपक कुमार ने भी प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि योजनाएं केवल कागजों में सीमित हैं, जमीनी स्तर पर लाभ नहीं मिल पा रहा।
“पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से”
इस आंदोलन में शामिल महिलाओं ने कहा कि अब हम केवल सुनेंगे नहीं, जवाब मांगेंगे। नारे गूंज रहे थे –
“नगर परिषद प्रशासन खोलो कान, नहीं तो होगा चक्का जाम”
“बेघरों को घर चाहिए, भीख नहीं हक चाहिए”
“पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से”
सैकड़ों महिलाएं बनी आंदोलन की ताकत
इस पदयात्रा में बॉबी देवी, कौशल्या देवी, संजू देवी, जूली कुमारी, आरती देवी, वंदना कुमारी, सुमन कुमारी, बबीता देवी, सोनी कुमारी, सोनम कुमारी, रश्मि कुमारी, पूजा कुमारी, मीना देवी, नीलम देवी, चंदा देवी, प्रेमलता देवी, रेणु कुमारी, विशाखा कुमारी सहित सैकड़ों महिलाएं शामिल थीं।
अब निर्णायक संघर्ष की ओर बेघरों की महिलाएं
जमालपुर में यह आंदोलन अब प्रशासन के लिए एक सीधी चेतावनी बन गया है। सवाल उठता है कि जब योजनाएं मौजूद हैं, तो लाभार्थियों को उनका लाभ कब मिलेगा? महिलाओं का कहना है – “अब आश्वासन नहीं, हमें सिर्फ और सिर्फ पक्का मकान चाहिए।”
नगर परिषद और अंचल प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर बढ़ता यह जन आक्रोश अब आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसकी अनदेखी करना प्रशासन के लिए भारी पड़ सकता है।