अनंत सिंह के निष्कासन पर चिराग का बड़ा बयान! बोले- JDU का अंदरूनी मामला, दूसरी पार्टी के मुद्दे पर टिप्पणी का मतलब नहीं

पटना। मोकामा विधायक अनंत सिंह को जदयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद एनडीए के सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने पूरे मामले को जदयू का आंतरिक विषय बताया है।

‘जदयू को ही लेना है फैसला’

चिराग पासवान ने कहा कि अनंत सिंह से जुड़ा मामला पूरी तरह जदयू और उसकी पार्टी व्यवस्था से संबंधित है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगी होने के नाते किसी दूसरी पार्टी के आंतरिक मामले पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में क्या फैसला लेना है, यह जदयू को ही तय करना है।

अनंत सिंह पर क्यों हुई कार्रवाई?

जदयू ने 24 अक्टूबर को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया। पार्टी ने अनंत सिंह पर पार्टी निर्देशों की अवहेलना, वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक बयान और विधान परिषद चुनाव में जदयू प्रत्याशी के बजाय विरोधी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के आरोप लगाए हैं।

विधानसभा सदस्यता पर भी नजर

जदयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी भेजा है। हालांकि पार्टी से निष्कासन और विधायक पद से अयोग्यता अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं, इसलिए विधानसभा सदस्यता पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा।

अब अनंत सिंह के अगले कदम पर नजर

जदयू की कार्रवाई के बाद अनंत सिंह की आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज है। वहीं चिराग पासवान के बयान से साफ है कि LJP (रामविलास) इस मामले को जदयू का आंतरिक विषय मानकर सीधे टिप्पणी से दूरी बनाए हुए है।

TWM News Bihar | पटना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *