मुंगेर

इस दीपावली पर हीरो राजन कुमार के नेतृत्व में बफ्टा कलाकारों ने एक अनूठी मिसाल कायम की है। कलाकारों की इस टोली ने 47 फीट लंबा और 10 इंच चौड़ा “हुक्का पाती” बनाकर पारंपरिक धरोहर को आधुनिक भारत से जोड़ने का प्रयास किया है। इस पहल में 47 कलाकारों ने संठी से बनी इस हुक्का पाती का निर्माण कर एक नया रिकॉर्ड बना दिया है, जिसे देखकर सैकड़ों दर्शकों का उत्साह चरम पर है।

बिहार के गांवों में दीपावली की रात संठी से बने हुक्का पाती जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसे समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राजन कुमार ने इस प्राचीन परंपरा में नवाचार जोड़ते हुए इसे 47 फीट लंबा बनाकर देश के गौरव को दर्शाया है। 1947 में मिली आज़ादी की याद में यह हुक्का पाती 47 फीट का बनाया गया है, जो भारत को 2047 में विश्वगुरु बनाने की उम्मीद को भी दर्शाता है।

इस प्रयास में मुंगेर के विभिन्न इलाकों से संठी एकत्रित की गई, और हुक्का पाती के निर्माण पर लगभग 22 हजार रुपए का खर्च आया। इस अद्भुत हुक्का पाती को स्पॉट एन गाइड के मैदान में प्रदर्शित किया गया है, जहाँ सैकड़ों लोग दीपावली की रंगत में इसे देखने पहुंच रहे हैं। स्थानीय बुजुर्गों, महिलाओं, और युवाओं के बीच इस प्रयास के प्रति गहरी उत्सुकता और श्रद्धा देखी जा रही है।

राजन कुमार के इस नेतृत्व में कलाकार विनोद कुमार बूंद और सुहैल राना सहित बफ्टा टीम के अन्य सदस्यों ने मिलकर इस ऐतिहासिक हुक्का पाती का निर्माण किया है। राजन कुमार का कहना है कि “हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखना चाहते हैं। हुक्का पाती की यह परंपरा हमें अपनी जड़ों और मिट्टी से जोड़े रखती है। इस प्रयास का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से परिचित कराना है, जिससे वे भी इस धरोहर को आगे ले जा सकें।

दीपावली के इस अवसर पर आयोजित यह अनूठा प्रयास स्थानीय जनता के लिए प्रेरणा बन चुका है, और अपनी परंपराओं को आधुनिकता में जीवित रखने का यह संदेश देशभर में फैल रहा है।

 

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