कोलकाता में ममता बनर्जी का ED छापों के खिलाफ बड़ा विरोध मार्च — “लोकतंत्र का हनन नहीं सहेंगे”

कोलकाता, 9 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने आज कोलकाता की सड़कों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा I-PAC के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर किये गये छापों के विरोध में एक बड़ा विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया गया।

प्रदर्शन Jadavpur 8B बस स्टैंड से शुरू होकर Hazra More तक विस्तारित हुआ, जहाँ हजारों TMC कार्यकर्ता, पार्टी के वरिष्ठ नेता और समर्थक ममता के साथ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा-केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए तथा आरोप लगाया कि केंद्र राजनीतिक बदले की भावना से ED का इस्तेमाल कर रहा है और राज्य की स्वायत्तता में हस्तक्षेप कर रहा है।

ममता ने कहा कि ED सिर्फ I-PAC कार्यालय में छापेमारी नहीं कर रहा बल्कि हमारी राजनीतिक रणनीति और संवेदनशील डेटा को चुराने का प्रयास कर रहा है, जो कि 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुआ है। उन्होंने इस कार्रवाई को “चोरी” और “जनतंत्र के हत्यारे” के रूप में वर्णित करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखे आरोप लगाए।

TMC नेताओं ने ED की इस कार्रवाई को “राजनीतिक burglary” बताया और कहा कि भाजपा जानती है कि बंगाल में उसकी हार लगभग निश्चित है, इसलिए वह केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी ED के छापों की कड़ी निंदा की और कहा कि यह एक राजनीतिक हमला है।

इस बीच, विरोध मार्च में सांस्कृतिक स्वर भी शामिल रहे — पार्टी कार्यकर्ताओं ने बंगाली गीत “आमी बंगले गान गाँई” सहित पारंपरिक शंखनाद के साथ मार्च को एक लोक-आंदोलन का रूप दिया। पथ पर मौजूद लोग और समर्थक अपनी नारों और हाथों में मोबाइल के साथ इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को रिकॉर्ड करते दिखे।

 

 

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