लोकसभा में राहुल गांधी के सैन्य memoir उद्धरण पर भारी विवाद
नई दिल्ली, 2 फरवरी 2026 — लोकसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भूतपूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नारवणे की “memoir” से उद्धरण देने की कोशिश पर भारी विवाद खड़ा हो गया, जिससे सदन में देर तक बहस और उठा-बैठा देखने को मिला।
संसद में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के “Motion of Thanks” पर भाषण के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल नारवणे की अप्रकाशित memoir से आशय उद्धृत करना शुरू किया, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा सांसदों ने तीव्र विरोध जताया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह memoir अभी प्रकाशित नहीं हुई है, अतः ऐसे स्रोत का हवाला संसद में नहीं दिया जा सकता, यह पार्लियामेंट की प्रथा और नियमों के खिलाफ है। स्पीकर ओम बिड़ला ने भी सदन के नियम (Rule 349) का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे किताब के उद्धरण जो सदन के कामकाज से सीधे जुड़ा नहीं है, उसको पढ़ा नहीं जा सकता।
राहुल गांधी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वे असल में एक पत्रिका लेख का हवाला दे रहे हैं, जिसमें पुस्तक के अंश प्रकाशित हुए हैं, और वह स्रोत “सत्यापित” है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सांसदों के प्रश्न के बाद उन्हें यह मुद्दा उठाना पड़ा।
इस विवाद के कारण सदन दिन के लिए अंततः स्थगित कर दिया गया, और विपक्ष तथा सरकार के बीच लंबी बहस के बाद स्थिति तनावपूर्ण रही। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने राहुल का समर्थन किया तथा स्पीकर से उन्हें बोलने की अनुमति देने की अपील की।
राहुल गांधी के मुताबिक memoir के कथित अंश में चीन सीमा विवाद जैसे संवेदनशील विषयों पर टिप्पणी है, और वह इसे उद्धृत करना चाहते थे, लेकिन सरकार इसे जारी नहीं होने वाली सामग्री मानती है।