माता वैष्णो देवी में उमड़ा आस्था का सैलाब, नवरात्र पर 1.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
कटरा। शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ ही मां वैष्णो देवी धाम एक बार फिर आस्था के महासागर में डूब गया। नवरात्रि के नौ दिनों में देशभर से आए 1.70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई और ‘जय माता दी’ के गगनभेदी नारों से त्रिकुट पर्वत गूंज उठा।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, “यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और हर दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।”
सुरक्षा और प्रबंधन में नई व्यवस्था
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बोर्ड ने 13 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर विशेष प्रबंध किए। स्वयंसेवकों को तैनात कर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कराया गया, वहीं इस बार पहली बार वायरलेस संचार व्यवस्था को भी लागू किया गया ताकि सुरक्षा और समन्वय बेहतर तरीके से हो सके। यात्रा मार्ग पर पुलिस, सीआरपीएफ और त्वरित कार्रवाई दल (QRT) सहित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई।
श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार
कटरा से भवन तक का मार्ग रोशनी और फूलों से सजा रहा। भक्तों के भजन और ढोल-नगाड़ों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा। उज्जैन से आए श्रद्धालु सुरेश कुमार ने कहा, “नवरात्रि की नवमी का दिन अत्यंत पावन होता है। हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार माता के दरबार में आना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि जम्मू क्षेत्र में आई बाढ़ और आपदा के बावजूद उनकी 12 सदस्यीय टोली ने यात्रा रद्द नहीं की। “यह मां का बुलावा था, इसलिए हर हाल में पहुंचना जरूरी था,” उन्होंने भावुक होकर कहा।
आपदा के बाद भी यात्रा में बढ़ा जोश
गौरतलब है कि 26 अगस्त को भीषण भूस्खलन के चलते यात्रा 22 दिनों तक बंद रही थी। इस दुर्घटना में 34 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे। लेकिन 17 सितंबर से यात्रा पुनः शुरू होने के बाद से श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता गया।
जम्मू में भी उमड़ी भीड़
इधर, जम्मू शहर स्थित बहु किले के प्रसिद्ध बावे वाली माता मंदिर में भी नवमी के अवसर पर हजारों भक्तों ने दर्शन किए। यहां भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
श्रद्धा, उत्साह और भक्ति से सराबोर यह नवरात्रि एक बार फिर इस बात की गवाही बन गई कि मां वैष्णो देवी का दरबार भारतीय आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां कठिन हालात भी भक्तों के कदम नहीं रोक पाते।