आतंकवाद पर करारा प्रहार था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ : रक्षा मंत्री
भुज,
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयदशमी के अवसर पर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ किसी युद्ध की शुरुआत करने के लिए नहीं, बल्कि आतंकवाद को सबक सिखाने के लिए था। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया और यह साबित कर दिया कि भारत की सेनाएं हर परिस्थिति में दुश्मन को भारी नुकसान पहुँचाने में सक्षम हैं।
भुज में शस्त्र पूजा के बाद सैनिकों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा,
“पाकिस्तान ने लद्दाख से लेकर सर क्रीक तक भारत की रक्षा प्रणाली में सेंध लगाने की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय सेनाओं की जवाबी कार्रवाई ने न केवल उनके एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह उजागर कर दिया, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी दिया कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार है।”
उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान स्थित नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले (जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई) का करारा जवाब था। इस अभियान के दौरान चार दिनों तक दोनों देशों के बीच तीव्र झड़प चली, जिसके बाद 10 मई को युद्धविराम की सहमति बनी।
रक्षा मंत्री ने 1965 के युद्ध की याद दिलाते हुए कहा, “तब हमारी सेना लाहौर तक पहुँचने की क्षमता दिखा चुकी थी। आज पाकिस्तान को यह नहीं भूलना चाहिए कि कराची तक का रास्ता सर क्रीक से होकर भी जाता है।”
सिंह ने तीनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें भारत की ताकत के तीन स्तंभ बताया। उन्होंने कहा, “जब थल सेना, नौसेना और वायुसेना एक साथ काम करती हैं, तब कोई भी चुनौती बड़ी नहीं रह जाती।”
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत हमेशा संवाद के जरिए विवाद सुलझाने का इच्छुक रहा है, लेकिन सर क्रीक के आसपास उसके सैन्य ढांचे का विस्तार उसकी असल नीयत को उजागर करता है।
अंत में उन्होंने वीर सैनिकों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा, “आपकी रणनीति, साहस और क्षमता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि भारत हर परिस्थिति में दुश्मन को मात देने में सक्षम है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपकी वीरता और पराक्रम सदैव भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करेंगे।”