मोतीहारी से खालिस्तानी कश्मीर सिंह गिरफ्तार, NIA को बड़ी सफलता
नभा जेल ब्रेक मामले में वांछित था, नेपाल में बब्बर खालसा का प्रमुख सक्रिय सदस्य
नई दिल्ली/पटना। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को रविवार को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब एजेंसी ने मोतीहारी (बिहार) से पंजाब के लुधियाना निवासी कश्मीर सिंह गालवाड़ी को गिरफ्तार किया। कश्मीर सिंह 2016 में पंजाब की नभा जेल से फरार हुए कुख्यात अपराधियों में से एक है और खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा के बेहद करीबी साथियों में शामिल रहा है।
एनआईए ने यह गिरफ्तारी बिहार पुलिस के सहयोग से की है। यह गिरफ्तारी 2022 में दर्ज एक खालिस्तानी आतंकी साजिश मामले में की गई है। कश्मीर सिंह लंबे समय से नेपाल में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और रिंदा के नेटवर्क का एक अहम नोड बनकर काम कर रहा था।
एजेंसी के मुताबिक, कश्मीर सिंह खालिस्तानी आतंकियों को शरण, रसद और फंडिंग उपलब्ध कराता था। यही नहीं, वह नेपाल भाग चुके कई आतंकियों की मदद में भी शामिल था, जो भारत में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के बाद वहां छिपे थे। इन घटनाओं में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर आरपीजी हमले जैसे मामले शामिल हैं।
2022 में एनआईए की विशेष अदालत ने उसे इस साजिश केस में भगोड़ा घोषित किया था और उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
गौरतलब है कि एनआईए ने इस केस में पहले ही नौ आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें रिंदा और लखबीर सिंह उर्फ लांडा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा एजेंसी ने यूएई से लांडा के भाई तरसेम सिंह का प्रत्यर्पण कराकर उसके खिलाफ भी पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था।
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि बब्बर खालसा, खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) जैसे प्रतिबंधित संगठनों की साजिश में संगठित आपराधिक गिरोह भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान से हथियार, बारूद और विस्फोटक की तस्करी कर भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।