कराची पर हमला करने को तैयार थी भारतीय नौसेना, ऑपरेशन सिंदूर में दिखी तीनों सेनाओं की एकजुट ताकत
— पाक नौसेना रही बंदरगाहों तक सीमित, भारतीय समुद्री निगरानी रही चाकचौबंद

नई दिल्ली। पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल हमला करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में वायुसेना और थलसेना के साथ-साथ भारतीय नौसेना भी पूरी तरह युद्ध की स्थिति में तैनात थी। नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने रविवार को साझा प्रेस वार्ता में बताया कि भारतीय नौसेना कराची पर सटीक हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार थी।

वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा, “हमारी नौसेना अरब सागर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात थी और कराची सहित समुद्र व थल के चिन्हित लक्ष्यों पर सटीक हमला करने में पूर्णतः सक्षम थी। यह हमारी तैयारी और समुद्री वर्चस्व का प्रमाण है।”

96 घंटे के भीतर समुद्री युद्धाभ्यास

महज 96 घंटे के भीतर नौसेना ने अरब सागर में लाइव फायरिंग और हथियार परीक्षण की श्रृंखला शुरू कर दी थी। इन अभ्यासों में नौसेना के बेड़े ने टारगेट पर सटीक वार की क्षमता का परीक्षण किया। नौसेना के मुताबिक, इन परीक्षणों ने रणनीति, हथियारों और सैनिकों की तत्परता को पुनः प्रमाणित किया।

पाक नौसेना रही छिपी, भारतीय निगरानी रही सतर्क

ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की नौसेना पूरी तरह बचाव की मुद्रा में आ गई थी। अधिकांश पाकिस्तानी जहाज बंदरगाहों तक सीमित रहे या तट रेखा के पास ही मंडराते रहे। भारतीय नौसेना ने हर हरकत पर पैनी नजर रखी।

वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा, “हमने पूरे ऑपरेशन के दौरान समुद्री क्षेत्र की लगातार निगरानी की और पाकिस्तानी नौसेना की हर गतिविधि की पूरी जानकारी रखी।”

संयमित पर निर्णायक रणनीति

सेना, वायुसेना और नौसेना के समन्वय से हुए इस ऑपरेशन में भारत ने जिम्मेदारी के साथ कठोर कदम उठाए। भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के साथ ही किसी बड़े सैन्य संघर्ष से बचने की रणनीति अपनाई।

वाइस एडमिरल ने स्पष्ट किया, “भारत की कार्रवाई सोच-समझकर, संतुलित और जिम्मेदार रही। हमने गैर-उत्तेजक, लेकिन निर्णायक कदम उठाए।”

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