ओडिशा तट से अग्नि-5 का सफल परीक्षण, भारत की रणनीतिक क्षमता हुई और सुदृढ़
भुवनेश्वर। भारत ने बुधवार को ओडिशा तट से अपनी अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया, जिसने देश की रणनीतिक रक्षा क्षमता को और मजबूती प्रदान की है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह परीक्षण सामरिक बल कमान (Strategic Forces Command) की निगरानी में किया गया और इसमें मिसाइल ने सभी तकनीकी एवं परिचालन मानकों को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया।
अग्नि-5 एक परमाणु-सक्षम सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। यह अग्नि श्रृंखला का सबसे उन्नत संस्करण माना जाता है और भारत की थल-आधारित परमाणु प्रतिरोधक शक्ति की रीढ़ है।
अग्नि कार्यक्रम की शुरुआत 1980 के दशक के अंत में हुई थी और 1989 में पहली बार अग्नि-1 को प्रौद्योगिकी प्रदर्शक के रूप में परीक्षण किया गया था। अग्नि-5 का पहला सफल परीक्षण अप्रैल 2012 में हुआ था और इसके बाद कई विकासात्मक व उपयोगकर्ता परीक्षण पूरे किए गए हैं।
अक्टूबर 2021 में इस मिसाइल का परीक्षण एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से आधुनिक प्रणोदन प्रणाली और उन्नत मार्गदर्शन तकनीक के साथ किया गया था। दिसंबर 2022 में इसे परिचालन स्थितियों में भी परखा गया। बुधवार को किया गया यह नवीनतम परीक्षण मिसाइल के पूर्ण रूप से सेना में शामिल होने की तैयारी का संकेत है।
करीब 5,000 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता रखने वाली यह मिसाइल भारत की सामरिक पहुंच को नए स्तर पर ले जाती है। यह परमाणु और पारंपरिक, दोनों प्रकार के वारहेड ले जाने में सक्षम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि-5 का सफल परीक्षण न केवल भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक मंच पर उसकी रणनीतिक स्थिति को भी और मजबूत करेगा।
Report by – Amar Sharma