ऑनलाइन मनी गेम्स पर रोक, संसद से पारित हुआ नया विधेयक
नई दिल्ली। संसद ने गुरुवार को ‘ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन एवं विनियमन विधेयक’ पारित कर दिया। लोकसभा से मंजूरी मिलने के एक दिन बाद इसे राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया। हालांकि, इस दौरान विपक्ष ने बिहार में चल रही विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर चर्चा की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया।
नए कानून के तहत किसी भी प्रकार के पैसों से खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम अब प्रतिबंधित हो जाएंगे। ऐसे खेलों का संचालन करने वालों को तीन साल तक की जेल और अधिकतम एक करोड़ रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “मनी गेमिंग की लत ड्रग्स की लत जैसी है। हमने देखा है कि इस पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों तक को बढ़ावा देने में होता है।” उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस फैसले को अदालतों में चुनौती दी जाएगी और सोशल मीडिया पर अभियान चलाए जाएंगे।
विधेयक में ऑनलाइन मनी गेम की परिभाषा उस खेल के रूप में दी गई है जिसमें कोई उपयोगकर्ता धन लगाकर लाभ या इनाम की उम्मीद करता है। इसमें ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स, पोकर, रमी, कार्ड गेम्स और ऑनलाइन लॉटरी तक शामिल हैं।
कानून के तहत इन खेलों के प्रचार-प्रसार और आर्थिक लेन-देन पर भी सख्त रोक होगी। विज्ञापन देने वालों को दो साल तक की सजा और पचास लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, इन खेलों के लिए वित्तीय लेन-देन में मदद करने वालों को तीन साल की कैद और एक करोड़ रुपये तक का दंड भुगतना पड़ेगा।