पान तांती ततवा का जिला सम्मेलन संपन्न, वैश्य समाज को लेकर नेताओं ने दिए तीखे बयान
बछवाड़ा (बेगूसराय), 11 मई। चिरंजीवपुर पंचायत स्थित सभा स्थल पर रविवार को पान तांती ततवा का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में वैश्य समाज की एकता और राजनीतिक भागीदारी को लेकर कई नेताओं ने अपने विचार रखे। सम्मेलन की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विनोद तांती ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वैश्य जागरण मंच के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजकुमार आज़ाद उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. आज़ाद ने कहा कि वैश्य समाज देश की 28 प्रतिशत आबादी है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से वह आज भी हाशिये पर है। उन्होंने कहा, “13 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में पान तांती समाज ने 13 लाख लोगों को एकजुट कर यह साबित कर दिया कि सत्ता के दरवाज़े अब हमारे लिए भी खुल चुके हैं। जिस दिन वैश्य समाज संगठित हो जाएगा, उस दिन देश के कई राज्यों में वैश्य मुख्यमंत्री बनते दिखेंगे।”

उन्होंने वैश्य समाज के भीतर फैली अंतर्कलह पर भी निशाना साधा और कहा कि समाज के कुछ ‘दोगले’ और ‘दलाल’ तत्व ही उसकी तरक्की में बाधक बने हुए हैं। “इनका सामाजिक बहिष्कार ही वैश्य समाज को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा,” उन्होंने कहा।
मुख्य वक्ता डॉ. विनोद तांती ने कहा कि बिहार की आगामी राजनीति में पान तांती समाज निर्णायक भूमिका निभाएगा। “2025 में सरकार बनाने के लिए तांती वोट बैंक सबसे अहम होगा,” उन्होंने दावा किया।
सम्मेलन के अति विशिष्ट अतिथि, वैश्य जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कैलाश महतो ने भी वैश्य समाज के नेतृत्व को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “जो समाज आज तक मुख्यमंत्री नहीं बना, 2025 में वही मुख्यमंत्री बनेगा। यही हमारा वादा है।”
विशिष्ट अतिथियों में रामप्रीत शर्मा, विजय तांती समेत अन्य नेताओं ने भी वैश्य समाज की एकता पर बल दिया और संगठनात्मक मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में जिला कमेटी द्वारा सभी अतिथियों को पुष्पमालाओं और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे, जिन्होंने पूरे उत्साह से नेताओं की बातों का समर्थन किया।