पाकिस्तान के मतदाता कार्ड और चॉकलेट मिले आतंकियों से, अमित शाह का चिदंबरम पर तीखा वार”
नई दिल्ली।
गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में सोमवार को हुए ऑपरेशन महादेव को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इसमें मारे गए तीनों आतंकी पाकिस्तान के नागरिक थे और यही आतंकी पहलगाम हमले में भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि सरकार के पास आतंकियों की पहचान और उनकी पाकिस्तानी नागरिकता के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। इनमें से दो आतंकियों के पास पाकिस्तान के वैध मतदाता पहचान संख्या (वोटर आईडी नंबर) थे और उनके पास से बरामद चॉकलेट तक पाकिस्तान में बनी थी।
शाह का यह बयान वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम के उस बयान के जवाब में आया जिसमें उन्होंने आतंकियों की राष्ट्रीयता पर सवाल खड़े किए थे। चिदंबरम ने कहा था कि हो सकता है कि ये आतंकी ‘घरेलू’ हों, इसलिए पाकिस्तान पर सीधे आरोप लगाना उचित नहीं है।
“पाक को क्लीन चिट क्यों?” — शाह का पलटवार
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान शाह ने चिदंबरम पर पाकिस्तान का बचाव करने का आरोप लगाते हुए कहा, “130 करोड़ देशवासी देख रहे हैं कि कांग्रेस किसे बचाने की कोशिश कर रही है।”
शाह ने सवाल उठाया, “पूर्व गृहमंत्री चिदंबरम पूछते हैं कि आतंकी पाकिस्तान से आए हैं, इसका क्या सबूत है? मैं पूछता हूं कि वो किसे बचाना चाहते हैं? पाकिस्तान को क्लीन चिट क्यों दे रहे हैं?” शाह ने यह भी कहा कि देश को भ्रमित करने की कोशिश अब नहीं चलेगी।
पुख्ता सबूत का दावा
गृहमंत्री ने दोहराया कि सरकार के पास मारे गए आतंकियों की नागरिकता से जुड़े ऐसे प्रमाण हैं जिन्हें नकारा नहीं जा सकता। “उनके पाकिस्तानी वोटर नंबर निकाले गए हैं। उनके पास से पाकिस्तान में बनी चॉकलेट मिली है। क्या इससे बड़ा कोई सबूत चाहिए?” — शाह ने कहा।
कांग्रेस पर सीधा हमला
शाह ने कहा कि जब सवाल देश की सुरक्षा का है, तो कांग्रेस के कुछ नेता पाकिस्तान को बचाने की होड़ में लगे हैं। उन्होंने कहा, “सत्ता में रह चुके एक पूर्व गृह मंत्री अगर इस तरह के बयान देंगे तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।”
चिदंबरम की सफाई
बयान को लेकर चौतरफा घिरे चिदंबरम ने बाद में सोशल मीडिया पर सफाई दी और कहा कि उनके इंटरव्यू को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने लिखा, “ट्रोल्स कई प्रकार के होते हैं, कुछ पूरी रिकॉर्डिंग को दबा देते हैं, कुछ शब्दों को म्यूट करके दो वाक्य निकालते हैं और फिर व्यक्ति को गलत रूप में पेश करते हैं।”