पंजाब में बाढ़ का कहर: नदियों का जलस्तर खतरनाक, 30 की मौत, लाखों प्रभावित

चंडीगढ़, 
लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ी क्षेत्रों से बढ़ते जलप्रवाह ने पंजाब में बाढ़ का संकट और गहरा कर दिया है। राज्य की कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 3.55 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 1,400 गाँव पानी की चपेट में आ गए हैं और 4 लाख एकड़ से अधिक फसलें जलमग्न हो चुकी हैं।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 19,600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। प्रभावित इलाकों में 171 राहत शिविर लगाए गए हैं, जिनमें 5,167 लोग शरण लिए हुए हैं। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और बीएसएफ की टीमें बचाव और राहत कार्य में जुटी हैं।

घग्गर और टांगरी नदियाँ उफान पर

पटियाला और आसपास के क्षेत्रों में घग्गर नदी का पानी खेतों में घुस आया है। 16 गाँवों की करीब 1,450 एकड़ फसलें नष्ट हो चुकी हैं। गाँव जुल हेरी के सीता राम सहित ग्रामीणों ने बताया कि नदी के तटबंध टूटे नहीं हैं, लेकिन पानी उनके ऊपर से बहकर खेतों को डुबो रहा है।
उधर, हरियाणा से बहकर आने वाली टांगरी नदी अपने खतरे के निशान से 1.7 फीट ऊपर बह रही है, जबकि मार्कंडा नदी का जलस्तर भी 21.2 फीट तक पहुँच गया है।

सतलुज और ब्यास में तेज बहाव

ब्यास और रावी में जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश से आई बारिश का पानी अचानक बढ़ गया है। ब्यास नदी में चक्की बैंक पर जलप्रवाह 1,910 क्यूसेक से बढ़कर 8,400 क्यूसेक हो गया, वहीं सुल्तानपुर लोधी के धीलवां पर प्रवाह 2.04 लाख क्यूसेक तक दर्ज किया गया। सतलुज नदी का जलस्तर भी रूपनगर और हरिके में ऊँचाई पर बना हुआ है।

डैम खतरे की रेखा के करीब

पोंग डैम का जलस्तर 1,391 फीट पर पहुँच गया है, जो खतरे के निशान 1,390 फीट से ऊपर है। भाखड़ा डैम भी अपनी सीमा के करीब है और यहाँ जलस्तर 1,677.32 फीट दर्ज किया गया। रंजीत सागर डैम में 1.71 लाख क्यूसेक की भारी आमद ने स्थिति और गंभीर बना दी है।

सरकार ने दिए सख्त निर्देश

राज्य सरकार ने सभी विभागों को आपदा से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतने का आदेश दिया है। सार्वजनिक निर्माण, जल संसाधन और विद्युत विभाग को क्षतिग्रस्त ढाँचों की तुरंत मरम्मत का निर्देश दिया गया है। दूरसंचार कंपनियों को भी संचार व्यवस्था को बिना रुकावट बनाए रखने को कहा गया है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को दोबारा भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।


 

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