रेल मंत्री के दौरे को बताया ‘राजनीतिक नौटंकी’, संघर्ष मोर्चा ने की कमेटी भंग

जमालपुर | संवाददाता
जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा ने रेल मंत्री के हालिया दौरे पर तीखा प्रहार करते हुए रविवार को आयोजित एक विशेष बैठक में अपनी चुप्पी तोड़ी। मोर्चा ने इसे महज “राजनीतिक ड्रामा” करार देते हुए कहा कि यह दौरा कारखाना विकास के बजाय स्थानीय नेताओं की छवि बचाने और धार्मिक नारेबाज़ी के लिए किया गया था।

मोर्चा संयोजक पप्पू यादव ने खोला मोर्चा
संघर्ष मोर्चा के संयोजक व समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रेल मंत्री का दौरा केवल एक दिखावा था। “स्थानीय केंद्रीय मंत्री की लाज बचाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं और रेलवे यूनियन की उपेक्षा की गई,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कारखाना को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के नाम पर केवल हाइड्रोलिक्स, वेल्डिंग, वीमैट्रिक्स और मेकोट्रॉनिक्स जैसे जटिल शब्दों में उलझाया गया, जबकि जमीनी विकास की कोई बात नहीं हुई।

जन सुराज के संरक्षक ने भी साधा निशाना
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जन सुराज के संरक्षक दिनेश कुमार सिंह ने कहा, “रेल मंत्री कारखाना के विकास की समीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जय श्री राम के नारे सुनने और स्थानीय सांसद की तारीफ करने आए थे। इससे यह स्पष्ट है कि कारखाना की समस्याओं से किसी को वास्ता नहीं है।”

कमेटी भंग, 15 दिनों में नए प्रारूप में पुनर्गठन का फैसला
बैठक में सर्वसम्मति से संघर्ष मोर्चा की वर्तमान कमेटी को भंग कर 15 दिनों के भीतर नए प्रारूप में पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया। नेताओं ने कहा कि मौजूदा हालात में संघर्ष मोर्चा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

यूनियन की चुप्पी पर भी सवाल
मोर्चा के सह संयोजक सह जदयू नेता कन्हैया सिंह, प्रवक्ता बसपा नेता कृष्णानंद राऊत, मुंगेर विकास मंच अध्यक्ष सुबोध ताँती, रविकांत झा और अन्य वक्ताओं ने रेल यूनियनों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जो यूनियन संघर्ष मोर्चा पर सवाल उठाती रही, वही रेल मंत्री के दौरे के समय एक ज्ञापन तक नहीं दे सकी।

बैठक में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
बैठक में पूर्व वार्ड आयुक्त नकुल यादव, मीडिया प्रभारी अमर शक्ति, मनोज क्रांति, निरज यादव, अमित कश्यप, आशिष कुमार, सत्यजीत पासवान, चंदन साहू, मनीष यादव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

संघर्ष मोर्चा ने साफ संकेत दे दिया कि वह आने वाले दिनों में जमालपुर रेल कारखाना के वास्तविक मुद्दों पर आंदोलन तेज करेगा और सिर्फ घोषणाओं से विकास नहीं होने देगा।

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