रेल पटरी पर सुरक्षा की मुहिम: अकबरनगर-सुल्तानगंज सेक्शन में CRO के खिलाफ चला जागरूकता अभियान
मालदा मंडल रेलवे ने ग्रामीणों को दी चेतावनी, बताया मवेशी टकराव कितना खतरनाक

रेल परिचालन की सुरक्षा और समयपालन को लेकर मालदा मंडल रेलवे पूरी मुस्तैदी से प्रयासरत है। इसी कड़ी में गुरुवार को मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री यतीश कुमार के निर्देशन में अकबरनगर से सुल्तानगंज रेलवे सेक्शन के बीच एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान खासकर मवेशियों के ट्रैक पर पहुंचने से होने वाले टकराव (Cattle Run Over – CRO) की रोकथाम को केंद्र में रखकर चलाया गया।

यह कार्यक्रम समपार फाटक संख्या 3/C के समीप और आसपास के गांवों में चलाया गया, जिसमें रेलवे के परिचालन, इंजीनियरिंग और आरपीएफ विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए समझाया कि पटरियों के पास मवेशियों को चराना या उन्हें खुला छोड़ देना कितना घातक हो सकता है। साथ ही, रेलवे ट्रैक पर पत्थर फेंकना, चेन खींचना, ट्रैक पर अतिक्रमण करना, सिग्नलों से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों को भी गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024–25 के शुरुआती महीनों में ही मालदा मंडल में मवेशी टकराव की 245 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से अकेले भागलपुर-किउल रेलखंड में 71 मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं से न केवल ट्रेनों में देरी होती है बल्कि जान-माल का खतरा भी बढ़ जाता है और रेलवे को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

ग्रामीणों को जागरूक करते हुए अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित पशुपालन अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल चेतावनी देना नहीं, बल्कि ट्रेनों की सुरक्षा में जनसहभागिता सुनिश्चित करना था। संवादात्मक सत्रों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि रेलवे सुरक्षा सिर्फ अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी सहभागिता जरूरी है।

मालदा मंडल रेलवे ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में अन्य संवेदनशील इलाकों में भी ऐसे जागरूकता अभियानों का विस्तार किया जाएगा ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते टाला जा सके।

 

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