मुंबई

देश के प्रख्यात उद्योगपति रतन टाटा को मुंबई पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ विदाई दी गई। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार मुंबई के वर्ली श्मशान में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे।

रतन टाटा का पार्थिव शरीर नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए), दक्षिण मुंबई में सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 3:55 बजे तक आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इसके बाद उनके शरीर को वर्ली श्मशान ले जाया गया जहाँ उनके अंतिम संस्कार की विधि पूरी की गई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “रतन टाटा जी के निधन पर देश के करोड़ों लोगों के साथ मैं भी गहरे शोक में हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ओर से मैं उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर चुका हूँ।”

शाह ने कहा कि 86 वर्षीय रतन टाटा को हमेशा देशभक्ति और ईमानदारी के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने टाटा समूह को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने न केवल औद्योगिक विकास किया, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए भी अहम योगदान दिया।

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि रतन टाटा ने साफ-सुथरी कॉरपोरेट गवर्नेंस की परंपरा को मजबूत किया और टाटा ट्रस्ट्स के माध्यम से समाज कल्याण के प्रयास किए। उनका जीवन और उनका योगदान भारतीय औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक ध्रुव तारा की तरह है, जो आने वाले वर्षों तक मार्गदर्शन करता रहेगा।

रतन टाटा, जिन्हें टाटा समूह को एक वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय जाता है, का निधन बुधवार रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ।

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