तारापुर सीट पर महागठबंधन में घमासान : राजद और वीआईपी के दो प्रत्याशियों के नामांकन से बढ़ी सियासी सरगर्मी
मुंगेर, संवाददाता।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के नामांकन के बीच तारापुर विधानसभा सीट पर महागठबंधन के भीतर बड़ा सियासी टकराव सामने आया है। एक ही सीट से राजद और वीआईपी पार्टी के दो उम्मीदवारों—अरुण कुमार और सकलदेव बिंद—के नामांकन दाखिल करने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, तारापुर सीट इस बार भाजपा के खाते में चली गई है, लेकिन महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मचे भ्रम के बीच दोनों दलों के नेताओं ने अलग-अलग प्रत्याशी उतार दिए। अब सवाल यह है कि गठबंधन धर्म निभाने के लिए कौन-सा उम्मीदवार अपना नाम वापस लेगा या फिर दोनों आमने-सामने चुनावी जंग में उतरेंगे।
राजद उम्मीदवार अरुण कुमार ने नामांकन के बाद कहा कि उन्हें पार्टी का सिंबल आधिकारिक रूप से मिला है और उन्होंने अंतिम दिन नामांकन दाखिल किया। वहीं, वीआईपी प्रत्याशी सकलदेव बिंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने 14 अक्टूबर को तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के निर्देश पर नामांकन किया था, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।

सकलदेव बिंद ने नाराजगी जताते हुए कहा, “मेरा अब कोई नेता नहीं है। न तेजस्वी यादव, न मुकेश सहनी — अब मेरा नेता जनता है। जनता ने मुझे समर्थन दिया है, मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा। मुझे टिकट नहीं देकर मेरी राजनीतिक हत्या की गई है। अतिपिछड़े समाज के बेटे को दबाया गया है, लेकिन मैं झुकूंगा नहीं।”