यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ देशभर में विरोध, सरकार ने ‘दुरुपयोग नहीं होगा’ का आश्वासन दिया

🗓️ रिपोर्ट: 28 जनवरी 2026 | नई दिल्ली

देश में यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी 2026 के नए समानता नियमों (Equity Regulations) के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। छात्रों, सामाजिक संगठनों और कुछ समूहों ने कहा है कि ये नियम भेदभाव और दुरुपयोग को जन्म दे सकते हैं, जबकि सरकार ने साफ कहा है कि इनका “कोई दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा” और किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा।


 विरोध और चिंता

  • छात्रों और समूहों ने कई शहरों में प्रदर्शन और धरने आयोजित किए हैं, जिनमें कहा गया है कि नए नियम कैंपस में असामंजस्य और अराजकता पैदा कर सकते हैं।
  • कुछ लोगों का कहना है कि नियमों में सामान्य (अनआरक्षित) श्रेणी के छात्रों के लिए कोई स्पष्ट सुरक्षा या प्रतिनिधित्व नहीं है, जिससे उनके अधिकार कमजोर हो सकते हैं।
  • विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसमें विवादित धाराओं को चुनौती दी गई है।

📜 नए नियमों का उद्देश्य

नए UGC (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 के तहत:
✔️ सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में Equal Opportunity Centre और Equity Committee बनानी अनिवार्य होगी।
✔ इन समितियों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), विकलांग व्यक्ति (PwDs) और महिलाएँ शामिल होंगी।
✔ इसका उद्देश्य जाति, धर्म, लिंग, क्षमता आदि के आधार पर भेदभाव रोकना और समान अवसर को बढ़ावा देना बताया गया है।


🛡️ सरकार का रुख

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि ये नियम किसी भी तरह से दुरुपयोग या भेदभाव को बढ़ावा नहीं देंगे, बल्कि समता और न्याय सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम संवैधानिक ढांचे के तहत हैं और किसी भी पक्ष के खिलाफ अन्याय नहीं होगा।


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