समृद्ध किसान ही विकसित भारत की कुंजी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

नई दिल्ली, 28 जनवरी 2026: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के शुभारंभ पर संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब देश के किसान समृद्ध हों और कृषि क्षेत्र मजबूत बनाया जाए।

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष भारत का खाद्य अनाज उत्पादन 350 मिलियन टन से अधिक रहा, जिसमें चावल का उत्पादन 150 मिलियन टन पहुँचना विश्व में सबसे अधिक है। साथ ही भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन चुका है, जो ‘ब्लू इकोनॉमी’ की सफलता को दर्शाता है। भारत दूध उत्पादन में भी अग्रणी है, जिसका श्रेय उन्होंने मजबूत सहकारी संस्थाओं को दिया।

राष्ट्रपति ने तमिल कवि थिरुवल्लुवर के शब्दों का उद्धरण देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन किसान की कड़ी मेहनत पर निर्भर करता है। इसी सोच के तहत, सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिसके अंतर्गत अब तक ₹4 लाख करोड़ से अधिक सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों और पहलों के कारण 2024-25 में खाद्य अनाज और बागवानी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। इसके साथ ही तेल बीज, दालों और खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशनों के माध्यम से आयात कम करने की दिशा में भी काम जारी है।

राष्ट्रपति ने यह भी उल्लेख किया कि श्री-अन्ना (मिलेट्स) को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे कार्यों को किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। कृषि अवसंरचना को मजबूत करने हेतु एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में अब तक ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक निजी निवेश आ चुका है, जिससे युवा वर्ग में रोजगार के नए अवसर भी बने हैं।

 

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