UGC-NET री-एग्जाम पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, कहा- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को

नई दिल्ली। UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि NTA की गलती का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

NTA ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में कई तरह की त्रुटियां पाए जाने के बाद इन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच आयोजित हुई थी। अब अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी। री-एग्जाम के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

राहुल गांधी ने उठाए सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NTA पर निशाना साधते हुए कहा कि हजारों अभ्यर्थियों ने वर्षों तक तैयारी की, आवेदन शुल्क जमा किया और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।

उन्होंने कहा कि “NTA गलती करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतता है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली छात्रों से उनका पैसा, समय, मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास ले रही है।

राहुल गांधी ने यह सवाल भी उठाया कि क्या प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हुए थे। हालांकि, NTA के री-एग्जाम संबंधी फैसले में पेपर लीक का उल्लेख नहीं है। एजेंसी ने यह निर्णय प्रश्नपत्रों में पाई गई तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद संबंधी त्रुटियों और पुराने प्रश्नों की पुनरावृत्ति की शिकायतों के आधार पर लिया है।

NTA की जांच में मिलीं कई खामियां

NTA द्वारा गठित समिति ने तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों की जांच के बाद कई गंभीर त्रुटियां पाईं। इनमें तथ्यात्मक और टाइपोग्राफिकल गलतियां, अनुवाद संबंधी समस्याएं, प्रश्नों के शब्दों में गड़बड़ी तथा पिछले वर्षों की परीक्षाओं में पूछे जा चुके प्रश्नों की पुनरावृत्ति शामिल थी। समिति ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीनों विषयों की परीक्षा नए सिरे से कराने की सिफारिश की।

राहुल गांधी ने NTA के नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, लेकिन NTA के नेतृत्व की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

UGC-NET परीक्षा जून 2026 में कुल 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी। यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्रता और PhD में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है। तीन विषयों के री-एग्जाम के बावजूद बाकी 84 विषयों के परिणाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी किए जाएंगे।

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