उत्तर प्रदेश में SIR वोटर लिस्ट: 2.89 करोड़ नाम हटाए गए, सपा ने BJP पर ‘फर्जी वोट’ और लोकतंत्र से छेड़छाड़ के आरोप लगाए

लखनऊ, 8 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई, जिसमें **करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं — जो कुल मतदाताओं का लगभग 18 % हिस्सा है। इस सूची के बाद प्रदेश के राजनीतिक माहौल में बवाल सी स्थिति बन गई है।

चुनाव आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा, त्रुटि-मुक्त और वास्तविक मतदाताओं का प्रतिनिधि बनाना है, जिसमें अनुपस्थित, मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरण वाले नामों को हटाया गया है।

हालांकि समाजवादी पार्टी (सपा) और अन्य विपक्षी दलों ने इसे गंभीर लोकतांत्रिक खतरा करार दिया है। सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने फर्जी वोटरों के नाम जोड़े और असली मतदाताओं के नाम हटाकर आगामी चुनावों में राजनीतिक लाभ हासिल करने की साजिश रची है। उन्होंने इसे ‘NRC की साजिश’ बताया और निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष वोटर सूची तैयार करने की मांग की है।

सपा विधायक रविदास मेह्रोत्रा ने भी कहा कि हटाए गए अधिकांश मतदाता नाम विपक्षी समर्थकों के हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लगता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से जांच और रोक की मांग की है।

वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने भी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाने पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इससे दलित, मुस्लिम, यादव और मजदूर जैसे वर्गों के मतदाताओं का नुकसान हो सकता है।

 

 

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