विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को रेलवे भूमि-नौकरी घोटाला मामला
नई दिल्ली, 9 जनवरी 2026 — विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को रेलवे भूमि-नौकरी घोटाला मामला (Land-for-Jobs Scam) में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती समेत अन्य प्रमुख आरोपियों पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी एवं आपराधिक साजिश के आरोप तय कर दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने कहा कि यह मामला केवल नौकरी देने का नहीं बल्कि एक संगठित आपराधिक साज़िश का हिस्सा है, जिसमें सरकारी रोजगार को सौदेबाज़ी के हथियार के रूप में उपयोग कर भूमियों का अधिग्रहण किया गया था।
📌 क्या है मामला?
घटना की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा 18 मई 2022 को दर्ज किए गए प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के आधार पर की गयी थी। आरोप है कि 2004-2009 के बीच रेल राज्यमंत्री रहते हुए लालू यादव और उनके करीबी सहयोगियों ने ग्रुप-D नौकरियों के नाम पर नियुक्तियाँ कीं, लेकिन असल में इन नियुक्तियों के बदले पटना और अन्य इलाकों की जमीन को अत्यंत कम कीमत पर अपने परिवार के नाम कर लिया गया।
🧑⚖️ अदालत का निर्णय:
- अदालत ने कुल 103 आरोपियों में से 52 को बरी कर दिया।
- शेष 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय (Charges framed) किए गए हैं, जिसमें लालू यादव और उनके परिवार के कई सदस्य शामिल हैं।
- न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के चार्जशीट और सबूतों को सशक्त मानते हुए आरोप तय किए और उनके खिलाफ फॉर्मल ट्रायल की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
⚖️ आरोप क्या हैं?
लालू एवं साथियों के खिलाफ निम्नलिखित मुख्य आरोप शामिल हैं:
• भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत भ्रष्ट गतिविधि
• भारतीय दण्ड संहिता की धाराओं के तहत धोखाधड़ी और साजिश
• आपराधिक साजिश में शामिल होना
• सरकारी नौकरी के माध्यम से निजी लाभ लेने का आरोप