अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप को झटका, डेमोक्रेट्स की अहम सीटों पर जीत; कांग्रेस में बहुमत की जंग तेज
वॉशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर को हुए 2026 के मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। सीनेट और प्रतिनिधि सभा की सीटों पर हुए मुकाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की हैं। इन परिणामों से अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस में सत्ता संतुलन बदलने की संभावना पैदा हुई है।
इस चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हुआ। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव कराए गए। चुनाव का मुख्य मुकाबला ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेट्स के बीच रहा।
सीनेट में डेमोक्रेट्स को बड़ी कामयाबी
दक्षिण कैरोलिना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को हराकर सीनेट की सीट जीत ली। वहीं, नॉर्थ कैरोलिना में रॉय कूपर ने भी डेमोक्रेट्स के लिए महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इन नतीजों से सीनेट में रिपब्लिकन बहुमत पर दबाव बढ़ा है।
टेक्सास में भी बदला सियासी समीकरण
टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को हराकर सीनेट सीट पर जीत हासिल की। राज्य में यह परिणाम ऐतिहासिक माना जा रहा है। वहीं, गवर्नर पद के मुकाबले में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा ने रिपब्लिकन ग्रेग एबॉट को हराया। एबॉट ने अपनी हार स्वीकार कर ली।
ट्रंप बोले- बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन जीतते
चुनावी झटकों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि यदि उनका नाम भी बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी भारी जीत दर्ज करती। उन्होंने कहा कि वह चुनाव परिणामों को स्वीकार करेंगे और जरूरत पड़ने पर डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार हैं।
कांग्रेस में बहुमत को लेकर मुकाबला जारी
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी की कम से कम छह सीटों पर बढ़त या जीत हासिल की है। हालांकि, सदन में पूर्ण बहुमत का फैसला होने तक मतगणना जारी रहने की स्थिति बनी हुई है। सीनेट में भी कुछ महत्वपूर्ण मुकाबलों के परिणाम बाकी रहने से अंतिम तस्वीर स्पष्ट होने में समय लग सकता है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव को राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच जनता के राजनीतिक रुझान का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस के किसी सदन में बहुमत हासिल करते हैं, तो ट्रंप प्रशासन के विधायी एजेंडे, बजट और सरकारी नीतियों पर उनका प्रभाव बढ़ सकता है।