कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का मज़ाक पड़ा भारी, केंद्र ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न) द्वारा विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली:
कॉमेडी और मनोरंजन के नाम पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और अशोभनीय टिप्पणियों पर अब सख्ती की तैयारी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे कृत्य अब कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में स्टैंड-अप कॉमेडी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक सामग्री सामने आने के बाद यह रुख अपनाया गया है। केंद्र का मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर महिलाओं के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।
बताया जा रहा है कि इस तरह की सामग्री समाज में गलत संदेश फैलाती है और महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण सोच को बढ़ावा देती है। ऐसे में संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
हाल ही में कुछ कॉमेडी शो और वायरल वीडियो को लेकर विवाद भी सामने आए हैं, जिनमें महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे।
महिला आयोग ने भी इस तरह की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि महिलाओं की सहमति, सम्मान और अधिकारों को मज़ाक का विषय बनाना अस्वीकार्य है और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉमेडी समाज का आईना होती है, लेकिन इसे जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत करना जरूरी है। अगर हास्य किसी वर्ग या लिंग को नीचा दिखाने लगे, तो वह मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक समस्या बन जाता है।