“TMC बगावत पर हाईकोर्ट की मुहर: रितब्रत बने रहेंगे विपक्ष के नेता”
स्पीकर के फैसले में दखल से कोर्ट का इनकार, ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका
अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न | TWM News
कोलकाता।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदरूनी विवाद पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बागी विधायक रितब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष (LoP) बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है, जिससे विधानसभा स्पीकर का फैसला फिलहाल बरकरार रहेगा।
स्पीकर के फैसले को मिली राहत
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रितब्रत बनर्जी फिलहाल नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहेंगे। अदालत ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप से इनकार करते हुए आगे की सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
ममता बनर्जी के लिए झटका
यह निर्णय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। TMC ने स्पीकर के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि विपक्ष के नेता का चयन पार्टी द्वारा होना चाहिए, न कि केवल विधायक दल द्वारा।
बगावत से पैदा हुआ संकट
दरअसल, TMC के भीतर बड़े पैमाने पर बगावत के बाद 58 विधायकों ने रितब्रत बनर्जी के समर्थन में खड़े होकर उन्हें नेता प्रतिपक्ष चुना था। इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने उन्हें आधिकारिक मान्यता दे दी थी।
कानूनी लड़ाई जारी
मामले में अगली सुनवाई अभी बाकी है और अंतिम फैसला आना शेष है। वहीं, अदालत पहले भी स्पीकर के फैसले और प्रक्रिया पर सवाल उठा चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने वाला है।