चलती ट्रेन से यात्रियों को फेंकने वाला गिरफ्तार, कभी STF तो कभी RPF बनकर करता था वसूली
पटना/आरा, 24 सितंबर 2026: बिहार में चलती ट्रेनों में यात्रियों को कथित तौर पर लूटने और विरोध करने पर ट्रेन से नीचे फेंकने के मामले में रेल पुलिस ने रोहित तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी खुद को STF तो कभी RPF का जवान बताकर यात्रियों से रुपये वसूलता था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे वाराणसी के मोहनसराय से पकड़ा गया।
नितिन कुमार की मौत के बाद जांच तेज
पुलिस के मुताबिक, वैशाली निवासी नितिन कुमार हैदराबाद से ट्रेन के जरिए दानापुर लौट रहे थे। आरोप है कि रोहित ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उनसे पैसे मांगे और बाद में उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। इस घटना में नितिन की मौत हो गई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आरा स्टेशन के पास से शव बरामद करने की बात कही है।
9 सितंबर की घटना में भी आरोपी का नाम
रेल पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर को बक्सर से पटना लौट रहे कैलाश कुमार और उनके दोस्त रितेश कुमार को भी आरोपी ने निशाना बनाया था। आरोप है कि दोनों से पैसे मांगे गए और नहीं देने पर उन्हें बिहटा-नेऊरा के बीच चलती ट्रेन से धक्का दिया गया। कैलाश की मौत हो गई, जबकि रितेश घायल हुए।
STF-RPF बनकर मजदूरों और युवाओं को बनाता था निशाना
पुलिस की पूछताछ में सामने आए आरोपों के मुताबिक, रोहित तिवारी ट्रेन में यात्रियों से टिकट जांच, धूम्रपान या जुर्माने के नाम पर रुपये मांगता था। रिपोर्टों के अनुसार, वह खास तौर पर मजदूरों और कम उम्र के यात्रियों को निशाना बनाता था। पैसे नहीं देने पर मारपीट और ट्रेन से नीचे फेंकने का आरोप है।
तकनीकी सुराग से मोहनसराय पहुंची पुलिस
नितिन कुमार की मौत के बाद रेल पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। इसके बाद पटना, दानापुर और आरा की रेल पुलिस/RPF की टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया।
कई घटनाओं की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
पुलिस अब रोहित तिवारी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कितनी घटनाओं में कथित तौर पर शामिल रहा है। अलग-अलग रेलखंडों में हुई समान घटनाओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी दी है।