चिराग पासवान की विपक्ष को दो टूक, बोले- ‘जब तक जिंदा हूं, आरक्षण और संविधान पर आंच नहीं आने दूंगा’
वाराणसी। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को वाराणसी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक चिराग पासवान जिंदा हैं, तब तक आरक्षण और संविधान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता।
चिराग ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने लोगों के बीच यह डर फैलाया था कि अगर एनडीए की सरकार बनी तो आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा और संविधान खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा उनकी राजनीति का मूल आधार है।
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
चिराग पासवान ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल सामाजिक न्याय और संविधान की बात करते हैं, उन्हें अपने राजनीतिक इतिहास और पुराने फैसलों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और उनके प्रति सम्मान को लेकर भी सवाल किए।
पिता रामविलास पासवान के सपनों को पूरा करने का संकल्प
अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान को याद करते हुए चिराग ने कहा कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करना बेटे और जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाना उनका लक्ष्य है।
यूपी को विकसित राज्य बनाने का दावा
चिराग ने उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर अपने ही राज्य में मिलने चाहिए। उन्होंने जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने के बजाय विकास, शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी रखती है। हालांकि, एनडीए के साथ गठबंधन को लेकर अभी औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहमति बनने पर पार्टी गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेगी, अन्यथा सभी सीटों पर अकेले उतरने का विकल्प खुला रहेगा।