नेपाल बाढ़: 288 भारतीयों से संपर्क नहीं, 21 को सुरक्षित निकाला गया; MEA ने दी जानकारी

नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है

बताया गया कि संपर्क नहीं हो पाने वाले भारतीयों में तमिलनाडु के कैलाश मानसरोवर यात्रियों के दो समूहों में 37 और 49 लोग, तिमुरे में पश्चिम बंगाल के 32 लोग, विभिन्न राज्यों के 61 यात्री और केरल के 33 लोग शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण लोगों से संपर्क करने में परेशानी आ रही है।

21 भारतीयों का रेस्क्यू

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। उन्हें काठमांडू लाया जा रहा है, जहां से उनके भारत लौटने की व्यवस्था की जाएगी। भारतीय दूतावास और राजदूत ने इन लोगों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।

इसके अलावा त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीय कर्मचारियों को भी सुरक्षित बचाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में अब तक कुल 84 भारतीयों के सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी है।

PM मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत कर बाढ़ से हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया। भारत नेपाल के साथ राहत और बचाव अभियानों में समन्वय कर रहा है।

नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। भारत की ओर से पहले ही राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजी जा चुकी हैं। वहीं, बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर भी नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है।

नोट: शुरुआती रिपोर्टों में 288 भारतीयों के संपर्क से बाहर होने की संख्या दी गई थी; बाद के अपडेट में यह संख्या 290 बताई गई है।

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