बिहार में अश्लील और जातिसूचक गीतों पर लगेगी लगाम, सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में

पटना, संवाददाता (अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न):
बिहार में सार्वजनिक स्थलों पर बजने वाले अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गीतों पर अब सख्ती की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य के कला एवं संस्कृति विभाग ने इस संबंध में गृह विभाग को पत्र लिखकर ऐसे गीतों के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है।

विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में बाजारों, वाहनों, विवाह समारोहों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में बजने वाले गीतों पर गंभीर चिंता जताई गई है। पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार के गीत समाज में नकारात्मक संदेश फैलाते हैं और सामाजिक सौहार्द, भाईचारे एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

कला एवं संस्कृति विभाग ने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया है कि ऐसे गीतों का महिलाओं और बच्चों पर भी बुरा असर पड़ रहा है, जिससे सामाजिक मूल्यों में गिरावट देखने को मिल रही है। विभाग ने बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए इस पर तत्काल नियंत्रण की आवश्यकता बताई है।

इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को भी पत्र की प्रति भेजी है, ताकि स्थानीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

राज्यभर में प्रभावी नियंत्रण और निगरानी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस दिशा में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, जिससे सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह के गीतों के प्रसारण पर पूरी तरह रोक लग सके।

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