बिहार में चक्रवात ‘अर्णब’ का असर बरकरार, 32 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट; सीतामढ़ी-मधुबनी में रेड अलर्ट
पटना। बिहार में चक्रवात ‘अर्णब’ के कमजोर पड़ने के बावजूद इसका असर खत्म नहीं हुआ है। राज्य के कई जिलों में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बारिश, आंधी, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर बिहार के कुछ जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने सीतामढ़ी और मधुबनी में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और दरभंगा में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, समस्तीपुर, सारण, सिवान और वैशाली समेत कई जिलों में बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पटना समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम
चक्रवात के प्रभाव से गुरुवार को पटना सहित बिहार के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पटना, गया, जहानाबाद, बेगूसराय, खगड़िया, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा और सुपौल सहित कई जिलों में मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।
किसानों की बढ़ी चिंता, धान की फसल पर खतरा
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल और कटाई के बाद खुले में रखी उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवा और बारिश से फसल गिरने तथा खेतों में जलजमाव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकें। मौसम प्रतिकूल रहने पर कटाई का काम टालना बेहतर होगा।
वज्रपात को लेकर प्रशासन की चेतावनी
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलजमाव और तेज बारिश को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 नवंबर से बिहार में किसी विशेष मौसम चेतावनी की संभावना नहीं है। फिलहाल 30 और 31 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।